कटिहार के मनिहारी में रहने वाले लड़के के साथ हुई धोखाधड़ी, फोर्ड नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी में गवानी पड़ी कई हज़ार रुपए।

Media Desk
Writer -
आज कल के ठग ठगी के नए नए तरीकों का आविष्कार करते रहते हैं। आपने गुजरात, अहमदाबाद के दो प्रसिद्ध ठग किरण भाई पटेल और शेरपुरिया के बारे में सुना होगा। वे एक अलग तरह के ठग थे। आज हम आपको एक अलग तरह के ठग के बारे में बताने जा रहे हैं।
आज के समय में किसी पर भी भरोसा करने लायक नहीं है। फिर वो चाहे कोई अनजान हो या फिर कोई अपना, क्योंकि लोग अक्सर अपने फायदे के लिए सीधे साधे और मजबूर लोगों का फायदा उठा लेते हैं और ऐसा ही कुछ हुआ है बिहार के युवक के साथ जिसे नौकरी चाहिए थी लेकिन उसकी इस मजबूरी का फायदा उठाकर,कुछ लोगों ने उसे ठग लिया।हाँ, बिहार के कटिहार के मनिहारी में एक बेरोजगार युवक को नौकरी के नाम पर झांसा देकर झारखंड के ठगों ने उसे अपना शिकार बनाया। आपको बता दें जो ठगी का शिकार हुआ युवक है उसने अपने घर फ़ोन करके पिता से 37,000 रुपयों की मांग की तो उसके पिता चौंक गए। क्योंकि किसी तरह की जिंदगी गुजारने वाले अशोक शाह अपने बेटे राजकुमार की बेरोजगारी से तो पहले ही परेशान थे और फिर बेटे द्वारा रांची जाकर यो इतनी बड़ी रकम मांगना,उन्हें कुछ हजम नहीं हुआ क्योंकि उन्होंने बहुत सी मुश्किलों से उसे पढ़ाया था। उनके हालात ऐसे थे ही नहीं कि वह सब कुछ आसानी से कर पाए।लेकिन फिर राजकुमार जी को विश्वास नहीं हुआ और उन्होंने ये बात मनिहारी के जिला पार्षद फूलमनी हेम्ब्रम को जाकर बताई और रोने लगा। उन्होंने ये भी बताया कि उसके बेटे को पैसे के लिए रांची में परेशान किया जा रहा है और फिर जिला पार्षद पिता की व्यथा सुन चिंतित होकर पिता को साथ लेकर रांची चले गए। फिर उन्होंने रांची के एसपी से मिलकर राजकुमार शाह की ठगी की कहानी बताई और बरामद की गुहार लगायी।जिसके बाद रांची एसपी ने फौरन कार्रवाई करते हुए ठगों द्वारा जिंस मोबाइल नंबर से ₹37,000 की मांग की गई थी। उसी मोबाइल को ट्रेस करवाकर स्थानीय छापामार कार्रवाई की गई और राजकुमार शाह को सकुशल बरामद कर लिया।

मनिहारी के जिला पार्षद फूलमनी हेम्ब्रम से बात करते हुए kbc के संवादाता।

हम रांची गए, रांची के जो एसपी साहब है,उससे हम मिले।और उसकी मदद से गेथु थाना के जो छोटा बाबू है।फ़ोन किया डीएसपी, एसपी को और एसपी दोनों मिलकर उसके लोकेशन खोजा गया और थानाध्यक्ष के छोटा बाबू के माध्यम से जो है इसे राजकुमार का जो बेटा है उसको जो कि अशोक साह का बेटा जो है उसको बरामद करके दिया। राजकुमार साह को बरामद करके हम लोग को ये लोग जो कोई कंपनी में काम करने के लिए गए थे, ये लोग को बोला था की कोई लोग नेटवर्क जो है ना।हाँ, वही ठगी का शिकार है और सबसे पहले तो मैं इस बच्चा, पढ़ा लिखा कर के क्योंकि बेरोजगार हैं तो आप आपका के माध्यम से कहना चाहते हैं। हमारे नीतीश कुमार हो या केंद्र सरकार के माध्यम से हो क्योंकि सभी का बल बच्चा है। लड़की हो, लड़का हो क्योंकि कोई वेकेंसी निकलेगा तब भी बचा लो, कुछ रोजगार मिलेंगे। हमारे जो है कि बिहार में कुछ भी नहीं है। सबके वाला बच्चा है कोई जो कि जमीन जगह बेच कर जाऊंगा करके बाल बच्चा को पढ़ाता। आज ये बच्चा जोनहीं का, जो शिकार बना यह बंधक जो था रांची में, क्योंकि इसका बाप बहुत गरीब है क्योंकि ये लड़का भी किसी लड़का से पूछा कि हम को काम मिलेगा, कहीं बस ये लड़का बस वही पूछ कल तो बोला हाँ आपको काम मिलेंगे, बस वही लोग लालच के 25 से 30,000 आपको मिलेगा। यही लालच में लड़का चल गया। जब वहाँ चल गए तो आठ या ₹8500 पहले दिए लड़का इसके बाद फिर इसे 30 या ₹35,000 का मांग या यदि इसका पापा ₹35,000 नहीं देते है तो इसको सिर्फ मोबाइल के द्वारा इसको बात कराते हैं कि पैसा दिया जाए और बस वही बात करते हैं पैसे का ही। इसके बाद जो पैसा यदि बात हो गया मोबाइल से ले लिया जाता है बच्चा से और इसके पीछे मैं तीन चार लड़का जो की बॉडी गार्ड के तरह इसके पीछे पीछे रहता है क्योंकि ये बच्चा को जो कि टॉर्चर करता है और दूसरी बात क्योंकि मैं ये मीडिया की चैनल के माध्यम से कहना चाहती हूँ कोई सभी हमारे जो है की बेटी हो या बेटा हो माँ बहन कितने भी है ये ठको जो है ठग्गू कंपनी से सावधान रहें क्योंकि आज कल नहीं बोलता है कुछ ना कुछ मोबाइल से। फेक जो न्यूज दे। यही नहीं ये कंपनी निकला वो कंपनी निकला है। इस पर हम लोग विश्वास नहीं करें क्योंकि पूरा गूगल पे जाके सर्च करें। क्या ये जो है कंपनी सरकारी है या नहीं? क्योंकि हम पर विश्वास नहीं कीजिये क्योंकि ये बच्चा जो है की आज एक मतलब 21 साल की बच्चा है। ये बच्चा जो कि उसका बाप राजकुमार साह जो की मेरे घर पे इतना रोने लगे। इस के कहने पर हमने रांची के रांची के एसपी साहब से मिले और बच्चा को जो है बरामद करके हम लोग को एसपी साहब दे दिए।

 (नोट जिला पार्षद के ऑडियो आवाज को AI की मदद से text में कनवर्ट किया गया हैं। लिखावट की कोई भी गलती के लिए हमे खेद हैं)

राजकुमार इस मामले से बच गया। लेकिन कई ऐसे लोग होते हैं जो इस जाल में ऐसा फंसते हैं की उनको सब कुछ गंवाना पड़ जाता है। इसलिए इस तरह के फ्रॉड से आप हमेशा सतर्क रहे। दो कदम पीछे ही चले तो ज्यादा बेहतर होगा।गेथु के काम करने के लिए नेटवर्किंग का काम होता था। मालूम नहीं था इस चीज़ का की नेटवर्किंग के पहले ही बताया गया था कि जैसे फ्लिपकार्ट और ऐमजॉन में जैसे सेल किया जाता है।