राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के दावे पर चुनाव आयोग और बीजेपी का पलटवार

Ahsan Ali
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नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा बिहार में मतदाता सूची में ‘वोट चोरी’ के आरोपों ने भारतीय राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। राहुल गांधी ने दावा किया कि बिहार में विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision - SIR) के तहत मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा हुआ है, जिसके चलते 65 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम कथित तौर पर हटा दिए गए। उनके इस बयान पर चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

राहुल गांधी का आरोप
राहुल गांधी ने बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और बाद में सोशल मीडिया पर दावा किया कि बिहार में मतदाता सूチ से लाखों लोगों के नाम हटाए गए हैं, जिसे उन्होंने ‘वोट चोरी’ करार दिया। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग ने बिहार में 65 लाख से अधिक मतदाताओं को बाहर कर दिया, जो एक सुनियोजित साजिश है।” गांधी ने यह भी मांग की कि चुनाव आयोग को इस मामले पर संसद में जवाब देना चाहिए और इसे ‘लोकतंत्र पर हमला’ बताया।

चुनाव आयोग का जवाब
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को ‘भ्रामक’ और ‘निराधार’ बताते हुए खारिज कर दिया। आयोग ने एक बयान में कहा कि बिहार में SIR प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी थी और इसका उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना था। आयोग ने यह भी बताया कि गोपालगंज जिले में 17 लाख मतदाता फॉर्म्स में से 10 लाख के पास कोई सहायक दस्तावेज नहीं थे, जिसके कारण उन्हें हटाया गया। आयोग ने राहुल गांधी को चुनौती दी कि वे अपने दावों के समर्थन में ठोस सबूत पेश करें या माफी मांगें।

बीजेपी की प्रतिक्रिया
बीजेपी ने राहुल गांधी के दावों को ‘चुनाव आयोग की छवि को धूमिल करने की साजिश’ करार दिया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “राहुल गांधी के बयान हानिकारक हैं और उन्हें अपनी गलती सुधारनी चाहिए।” महाराष्ट्र के उपमonadoमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे ने गांधी के दावों को ‘बकवास’ बताया और कहा कि यह उनकी हताशा को दर्शाता है। बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव ने भी कांग्रेस पर हिंदू धर्म को बदनाम करने का आरोप लगाया।

विपक्ष का विरोध प्रदर्शन
इंडिया ब्लॉक के नेताओं, जिसमें कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, आरजेडी और वामपंथी दल शामिल हैं, ने संसद परिसर में मकर द्वार के पास SIR के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने इसे ‘लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला’ बताया और इसकी वापसी की मांग की।